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हमारे प्रोडक्ट

वे ऐप, जो हम खुद बनाते और चलाते हैं

हमारा स्टूडियो नया है — गिनाने के लिए बड़े ग्राहकों के नाम हमारे पास नहीं हैं। जो है, वह हमारा अपना बनाया सॉफ़्टवेयर है: लोगों के फ़ोन में चलता हुआ, हमारे अपने नाम के साथ।

DharmaMitra · धर्ममित्र

बिना इंटरनेट चलने वाला भक्ति ऐप, पूरा हिंदी में

Google Play पर अभी चुने हुए टेस्टरों के लिए — सबके लिए जारी करने का आवेदन दे चुके हैं

आरती, चालीसा, मंत्र और स्तोत्र, आपके अपने ज़िले के हिसाब से बनता रोज़ का पंचांग, त्योहार और व्रत कथाएँ, भजन, तीर्थ दर्शन, कुंडली और कुंडली मिलान, रोज़ का राशिफल और जप काउंटर — सब बिना इंटरनेट के। न कोई अकाउंट बनाना पड़ता है, न कोई आप पर नज़र रखता है।

  • आरती, चालीसा, स्तोत्र, सहस्रनाम, मंत्र और व्रत कथा — हिंदी में, साथ में अंग्रेज़ी भी
  • रोज़ का पंचांग, आपके अपने ज़िले का — गणना फ़ोन पर ही: तिथि, नक्षत्र, राहु काल, मुहूर्त, चौघड़िया और होरा
  • त्योहार और व्रत — कथा और पूरी पूजा विधि के साथ, आने वाले बरसों की तारीख़ों समेत
  • कुंडली, कुंडली मिलान और चंद्र राशि से बनता रोज़ का राशिफल — हर चक्र, कूट और गोचर के साथ उसका शास्त्रीय नियम; न कोई भविष्यवाणी, न कोई फ़ैसला
  • संत-कवियों के भजन, मंत्र और कथाओं की अपनी रिकॉर्डिंग, जप माला काउंटर, तीर्थ यात्रा-सर्किट और होम स्क्रीन के विजेट
  • पूरा ऐप बिना इंटरनेट, और बिना किसी अकाउंट के — कुंडली, मिलान और जप का हिसाब फ़ोन से बाहर जाता ही नहीं
dharmamitra.in देखिए

School Connect

दफ़्तर, टीचर, बच्चे और पैरेंट्स के लिए स्कूल मैनेजमेंट सॉफ़्टवेयर

अभी बन रहा है — साथ मिलकर बनाने के लिए कुछ स्कूलों की तलाश है

एडमिशन, हाज़िरी, फ़ीस, परीक्षा और रिज़ल्ट, होमवर्क, टाइम-टेबल, लाइब्रेरी और ट्रांसपोर्ट — दफ़्तर के लिए वेब पर, और टीचर व पैरेंट्स के लिए मोबाइल ऐप। किसे क्या दिखेगा, यह पहले से तय।

  • एडमिन, प्रिंसिपल, टीचर, बच्चे और पैरेंट्स — सबके लिए अलग; अकाउंटेंट, ऑफ़िस और लाइब्रेरियन के लिए भी
  • फ़ीस: कौन-सी फ़ीस कितनी, किसे छूट, रसीद और वसूली की रिपोर्ट
  • हाज़िरी, परीक्षा, नंबर और छपने लायक़ रिपोर्ट कार्ड
  • पैरेंट्स के स्कूल में कितने भी बच्चे हों, ऐप एक ही
दिलचस्पी है? बात कीजिए
खुला न्योता

स्कूल चलाते हैं? आइए, साथ मिलकर बनाते हैं।

School Connect अभी बन ही रहा है, यानी इसे अपने हिसाब से बनवाने का यही सही समय है। अगर आप स्कूल चलाते हैं और रजिस्टर, बही-खातों और एक्सेल शीट से परेशान हैं, तो हम आपसे यह समझना चाहेंगे कि आपका दफ़्तर असल में चलता कैसे है — और प्रोडक्ट उसी हिसाब से बनाएँगे।

इसका फ़ायदा आपको कैसे

अपने ऐप चलाकर हमने जो सीखा

इनमें से हर सबक़ की क़ीमत हमने चुकाई है। आपको ये साथ में मिलते हैं।

स्टोर की जाँच — किताबों में नहीं, असल में

टेस्टिंग ट्रैक, नए डेवलपर अकाउंट पर Google की टेस्टर शर्त, डेटा-सेफ़्टी का फ़ॉर्म, पॉलिसी पेज, थोड़े-थोड़े करके रोलआउट — यह सब हमने पढ़ा नहीं, भुगता है।

चलते हुए सिस्टम में गड़बड़ होती ही है

क्रैश की रिपोर्ट, अलर्ट, और ऐसा बैकअप जिसे वापस लाकर देखा जा चुका हो — ये अलग से मिलने वाली सुविधाएँ नहीं हैं। हर प्रोजेक्ट में ये इसलिए रहते हैं, क्योंकि अपने ऐप पर इनकी ज़रूरत पड़ चुकी है।

ऐप का वर्ज़न बदलता है, डेटा वही रहता है

डेटाबेस में बदलाव, कंटेंट के नए वर्ज़न, और हफ़्ते भर से बंद पड़े फ़ोन का डेटा मिलाना — ये उबाऊ काम ही तय करते हैं कि अगला वर्ज़न आसानी से बनेगा या सब दोबारा लिखना पड़ेगा।

होस्टिंग का खर्च क़ाबू में रहना चाहिए

हमारे अपने ऐप एक साधारण सर्वर पर चलते हैं — Nginx, HTTPS और तय समय पर बैकअप के साथ। ग्राहकों के सिस्टम भी हम ऐसे ही बनाते हैं, बेवजह बढ़ते क्लाउड बिल पर नहीं।

अपने कारोबार के लिए भी ऐसा ही कुछ चाहिए?

इनमें से कोई आपकी ज़रूरत के आसपास लगता हो, तो सबसे तेज़ रास्ता यही है कि आप बता दें — आपका वाला इससे कहाँ अलग होगा।

ईमेल ज़्यादा ठीक लगे तो यहाँ लिखिए — chhindwaralabs@gmail.com